• aaditya 52w

    जब लेखक किसी स्त्री से प्रेम करता है
    तो उसके सामने उसके सारे शब्द फीके पड़ जाते हैं।

    किन्तु जब कोई स्त्री किसी लेखक से प्रेम करती है
    तो उसे लेखक से ज़्यादा अलौकिक उसके लिखे शब्द लगते हैं।

    जानती हो
    हमारे लिए कोई उतना ही प्रेम लिख पाता है
    जितना खालीपन उसके मन में होता।
    उससे ज़्यादा ना कोई अपना लेख और
    ना ही अपने प्रेम का हिस्सा देना चाहता है।

    और ना ही आप उससे ज़्यादा सह पाते हैं।

    ©आदित्य