• sakshi_trivedi 38w

    वो ज़िंदगी ही क्या जिसमें ज़िद ना हों

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    तमन्ना रखतें हैं तो सिर्फ़ आपको पाने की
    कोई ख्वाहिश हैं तो वो सिर्फ़ आप..

    ज़िंदगी को कुछ पाने की चाह हैं
    तो वो सिर्फ़ आपको...

    फिर कैसे साथी चुन ले हम
    किसी और को...

    कई चेहरों में सिर्फ़ आप अच्छे लगे हो
    तो किसी और को कैसे बना लूं ज़िंदगी अपनी..

    अब तो ख़्वाब भी आप ही हो
    और ख्वाहिश भी आप ही हो....

    अब इस ज़िंदगी की कोई मंज़िल भी हैं
    तो उसका रास्ता आप ही हो...!!
    ©sakshi_trivedi