• deeptimishra 18w

    ❣️

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    मेरी मुस्कान मानो
    गुलाब का बगीचा हो
    जो हर ज़िंदगी मे
    अपनी खुशबु भरना
    चहता हो

    और मेरे आंसू मानो
    मधुशाला का कोई एक कोना
    जहां बस सच्चे और पुराने
    आशिक़ ही आया करते हो..
    शायद बरबाद होने,, या
    मुझमें आबाद होने..!!

    ©deeptimishra