• anusugandh 18w

    एक तरफा प्यार

    तू मेरा है,ये भ्रम है या सच है
    क्या है, क्यों है, कैसा ये इश्क है
    देखूँ कनखियों से बार-बार तुझको
    रहता क्यों हर वक्त इंतजार मुझको
    बेचैन सा रहता क्यों ये मेरा दिल
    मिलने को तड़पता है बेकरार दिल
    जाने कैसे हो गया है सूरते हाल
    जीना तेरे बिन हो गया अब मुहाल
    ये मेरा एक तरफा प्यार है या फकत वहम मेरा
    तुझसे मिलने को क्यों करता फरियाद बेचारा
    क्यों दिल से निकलता है नहीं तसव्वुर तेरा
    रफ्ता रफ्ता खिंचता है दिल तेरी तरफ मेरा
    ये मेरा एक तरफा प्यार ही सही
    तू भी हमसे प्यार करें यह लाजमी तो नहीं
    रह लेंगे ......तुझको बस ज़हन में रखकर
    चाहे अजनबी रहो हम रहेंगे सदा आपके बनकर
    ये मेरा भ्रम ही रहे और तू मेरा ही रहे ....उम्र भर
    ©anusugandh