• noor_ahmed 22w

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    माहिर है वो मुस्कुराने में
    बिखरते-टूटते ज़ज़्बातों में
    स्याह ज़िन्दगी स्याह सब कुछ
    नादिरा फिर भी वो स्याह रातों में

    ©noor_ahmed