prakashinidivya

"ख़यालों की कीड़ा"

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Reposts
  • prakashinidivya 2h

    संगीत !!!

    आज कुछ अनकहे जज़्बात सुनाऊंगी ....
    खुद के जुबानी मै किसी के अल्फ़ाज़ सुनाऊंगी !!!

    एक बवंडर जीवन का जवाब नहीं होता ....
    संगीत के बिना जीवन जीना शायद आसान नहीं होता !!!!

    सुर ताल और सरगम का ज्ञान बख़ूबी हो जिसमें...
    वहीं शख्स तो संगीत का भगवान होता है !!!

    वो रोता है वो मुस्कुराता है जज़्बात भी बख़ूबी निचोड़ता है ...
    संगीतकार नायक होते हुए भी पर्दे के पिछे होता है !!!!

    उनकी तारीफ़ हम साधारण मनुष्य क्या कर पाएंगे ...
    हर किसी के अकेलेपन का सहारा भी तो संगीत होता है !!!
    ©प्रकाशिनी दिव्य

  • prakashinidivya 2h

    बाल सुलभ और सुंदर मुखड़े से सारे जगत को भाया है । ।
    श्यामल मुखड़े वाला "कान्हा" हृदय में सबके छाया है । ।

    मस्त मग्न और शरारतों का किस्सों में रमते जाओगे ।
    जय श्री कृष्ण कहो पूरे दिन बस मूस्कुराओगे ।।

    सुंदर सुशील स्त्री बनकर द्वारे में पूतना आई थी। ।
    छवि कृष्ण का देख वो भी घबराई थी । ।

    तृणावर्त को बवंडर बनाकर कंस ने इस बार भेज दिया था
    गला दबाकर ,श्री कृष्ण ने उसका भी वध किया था

    गाय के रूप धारण कर वत्सासुर भी आया था
    कृष्ण की लीला से वो भी न बच पाया था

    बकासुर और अघासूर भी आतंक मचाने आए थे
    बगुले और विशाल अजगर का अवतार वे अजमाए थे।।
    © प्रकाशिनी दिव्य

  • prakashinidivya 3h

    समझ नही आता मन की जंजीरों को
    बेवजह आवाज़ क्यूं करती है
    घुटकर रोती है
    या अपने ख्वाहिशों को जीतने के लिए लड़ती है।
    ©prakashinidivya

  • prakashinidivya 5d

    मासूम सवालों ने उसके ,हर तरफ़ से मुझे झंझोड़ दिए है ।।
    क्या बताऊं यारों उसकी इच्छाओं ने तो मेरे सारे सेविंग्स तोड़ दिए है ।।
    ©prakashinidivya

  • prakashinidivya 5d

    ठंड की दिनों में विटामिन D तो चाहिए न !!!
    अब line's पढ़ ही लिए तो मुस्कुराइए न!!

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    अंगारों में पांव रखने की आदत बना ली है, तो सूरज की धूप भी मीठी लगी हैं।
    बड़ी बड़ी बातें करने लगी हूं मम्मी कहती है क्यूं री आजकल किस शायर को पढ़ने लगी है !!
    ©prakashinidivya

  • prakashinidivya 5d

    आंसूओं ने दूरियां बना ली जनाब,लगता है हम मशहूर हो रहे !!!
    क्या खटक रहा है सीने में कुछ दिनों से, लगता है हम मगरूर हो रहे !!
    ©prakashinidivya

  • prakashinidivya 1w

    कीमती बनाने के लिए ख़ुद को इस क़दर पीस रहा हूं !!
    दरबदर सड़कों में चक्के की तरह घिस रहा हूं!!
    ©prakashinidivya

  • prakashinidivya 1w

    ये सफ़र की मनमानियां किसकी है
    तुम खो जाओ आसमां में ,ये शैतानियां किसकी है ।।
    ©prakashinidivya

  • prakashinidivya 2w

    उससे रोज़ बतियाने की कौनसी वजह है ,
    उसे अपना मान भी न सकूं खुदा,ये कैसी ऱजा है ।।
    ©prakashinidivya

  • prakashinidivya 2w

    निगाहों ने पूछा उम्मीदों से कैसी है आगे की सफर,
    उम्मीद बड़े अभिमान से बोली, तेरी सोच से ऊपर ।।
    ©prakashinidivya