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Reposts
  • quotelover 42w

    जी करता है कभी कभी
    चीखू जोर जोर से
    चिल्लाऊ... रोऊ जार जार
    या चुपचाप अकेली निहारू
    आसमान को..उड़ते बदलो को
    महसूस करु आंखे बंद करके
    हवा को अपने बदन को छूते हुए
    जी करता है कभी कभी
    भूल जाऊ सारे रिश्ते नातों को
    छोड़ दूं सारी जिम्मेदारियों को और
    ज़ी लू खुद के संग खुद कुछ पल
    जी करता है दौडू इतना कि
    सांसे चढ़ जाए नसे अकड़ जाए
    और सुनाई दे मुझे बस मेरी ही सांसे

    मधुमिता
    ©quotelover

  • quotelover 42w

    हां तुम सही थे
    गलत भी मैं थी
    और गलती भी मेरी
    शायद गलत रहूंगी भी
    हमेशा....
    तुम सबके लिए
    या कहूं कभी सुधर
    भी ना पाऊंगी
    लाख कोशिशों के
    बाद भी....
    क्योंकि नजरिया तो
    एक बार ही बनता है..
    मधुमिता
    ©quotelover

  • quotelover 43w

    खुल कर जीना चाहते हैं
    पर न जाने क्यों समाज से
    थोथले नियमो से हिचकते है हम...
    ना जाने कितने संकृण
    विचारधाराओं में उलझे हैं हम
    सच है
    शायद....
    अपने ही सोच के कैदी हैं हम
    ©quotelover

  • quotelover 48w

    "देखते हैं आजकल तेरा रस्ता,
    सुबह से शाम, शाम से रात,
    मगर. .......
    न आने पर तेरे
    उदासी का काला चादर ओढ
    बिखरने लगते है,
    टूटे सपनों के मानिन्द. .....!
    सुबह फिर सजा जाता है
    खुली आँखों में एक सपना
    कि.......
    शायद आज आओ तुम
    और. ....जगाने लगते हैं
    सोये अधुरे कल्पनाओं को
    बडे आस के साथ अपने हृदय में हम
    और करने लगते हैं. ........
    तेरा इंतजार
    तकने लगते हैं तेरा ही रस्ता.....।"

  • quotelover 49w

    जब से बाहर आए हैं हम शहर से अपने
    अपने ही शहर के बाहरी हो गए हैं हम,
    कथा और जन्मदिन पर हुजूम में मस्तियां करते थे हम
    आज विवाह पर भी ना जाने के वजहें ढूंढ लेते हैं हम,
    वो अजीज हमारे जिनके बुखार में परेशान हो जाने वाले आज मय्यत पर भी ना जाने का बहाना ढूंढ लिए हैं हम,
    कैसे इंसान थे हम और कैसे इंसान बन गए हैं हम
    शहर क्या छूटा अपना अपनों से ही बेगाने बन गए हैं हम,
    ©quotelover

  • quotelover 51w

    भूल जाओ अब मुझे याद ना आओ
    दर्द बहुत होता है अब पास ना आओ

    मधु

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    ©quotelover