rishav_sharma

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मेरे शब्द मेरा परिचय हैं

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  • rishav_sharma 8w

    शाम होते ही ये शराब मेरे हाथ होती है,
    रात का पता नहीं उसकी याद साथ होती है।

    ©rishav_sharma

  • rishav_sharma 8w

    फिलाल सुकून के लिए ये शराब को सहारा बना रखा है,
    बेहकता तो नही फिर भी रात भर खुद को जगा रखा है।

    ©rishav_sharma

  • rishav_sharma 8w

    एक तरफा मोहब्बत के किस्से मुझे मत सुनाओ,
    मैने उसके बाद खुद से भी मोहोब्बत नहीं की,
    सुना है अब वो उसके साथ भी नहीं रहती,
    मान ना पड़ेगा वफा मुझसे नहीं तो किसी से नहीं की।

    - Anonymous

  • rishav_sharma 9w

    ये बिजली की गर्जन ये बारिश जोर से हो रही है,
    शायद किसी आशिक की रूह जोरों से रो रही है,
    खो रही है किसी की खुशियां हमेशा के खातिर,
    मेरी तरह किसी की मोहोब्बत अधूरी रह रही है।

    ©rishav_sharma

  • rishav_sharma 9w

    मैं खुद से काफी खफा हो गया हूं,
    तुम मुझे वफा सिखा दोगी क्या,
    नींद नहीं आती आज रात भर,
    तुम फिर सुकून से सुला दोगी क्या,
    रो रहा हूं मैं काफी वक्त से,
    तुम मुस्कुराने की वजह दोगी क्या,
    ख्वाब सजा रखे है तुम्हारे साथ जीने के,
    तुम उन्हें हकीकत बना दोगी क्या।

    ©rishav_sharma

  • rishav_sharma 9w

    किसी ने कहा वक्त लिख दो तो किसी ने कहा कि खुशियां,
    भाग रहा था अब तक रुक गया, तेरे और उसके दरमियान।

    ©rishav_sharma

  • rishav_sharma 9w

    खुश हो जाता हूं मैं अक्सर लोगो के चेहरे पे मुस्कुराहट देख कर,
    दरवाज़ा बंद कर लेती है खुशियां मेरी कदमों की आहट देख कर।

    ©rishav_sharma

  • rishav_sharma 10w

    मार रहा हूं जज्बातों को अब ये दर्द किस से बोल दूं,
    दिल में दफन मोहोब्बत को तेरे बिन कैसे खोल दूं।

    ©rishav_sharma

  • rishav_sharma 10w

    दूर होकर भी अब खुश रह पाती हो क्या,
    बेझिजक बातें अब किसी से कर पाती हो क्या,
    किसी और को भी देख कर मुस्कुराती हो क्या,
    किसी और की बाहों में सुकून से सो पाती हो क्या,
    किसी और को देख कर भी शर्माती हो क्या,
    किसी और से भी लड़कर उसे मानती हो क्या,
    अच्छा ये सब छोड़ो तुम ये बताओ,
    फिर से जिंदगी में वापस आती हो क्या।

    ©rishav_sharma

  • rishav_sharma 11w

    आज फर्क नहीं पड़ता किसी के दिए जख्म से,
    जब पड़ने लगता है तो तुम्हे याद कर लेता हूं,

    सबके आंसू पोंचता फिर रहा अपने साफ मन से,
    मन करता है रोने का तो तुम्हे याद कर लेता हूं।

    ©rishav_sharma