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  • rizvi78 16w

    दर्द

    दर्द का कभी गिला न करना
    सजदा हज़ार कर नाज़ न करना
    सिर्फ पहलू दर पहलू देख लेना
    कोई वफ़ा करे तो उसकी इल्तेजा करना
    दर्द है थम जाएगा कभी न कभी
    किसी के लिए बददुआ नही करना
    वरना तेरे और उसमें फर्क क्या करना
    सिर्फ हयात की दुआ करना।
    ©rizvi78

  • rizvi78 16w

    #mirake friend # mirakelover

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    कलम

    कलम लरज़ रही थी हक़ीक़त बयानी में
    उसे सब पता था ज़माने की बे बयानी में
    हवा का रुख़ जो बदला था इंसानियत के हर्फ़ में
    कलम इस लिए लरज़ रही थी हर्फे बयानी में
    वह इतनी खुदगर्ज़ न थी इस ज़माने में
    जिससे एक रात में हो जाए मशहूर कुछ बयानी में
    उसे अब भी लाज थी अपने बिकने की
    बस वह बे बस थी इस जमाने मे
    कलम लरज़ रही थी हकीकत बयानी में

  • rizvi78 16w

    #merakilover # merakifriend

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    राही बेवफा

    बज़्म में बहुत वाह वाही थी राह चलते चलते
    जब जुदा हो गई राहे राह चलते चलते
    बड़े कमज़र्फ निकले राही राह चलते चलते
    जब उनसे हाथ देने की बात आई छोड़ कर चल पड़े राही राह चलते चलते।
    ©rizvi78

  • rizvi78 19w

    नया साल

    भुला दो दिलो में बुगज़ की बात ,
    आओ मोहब्बत की बात करे नए साल पर , सबकी मुरादे पूरी हो या रब ,
    किसी को कोई मलाल न हो,
    न गम हो न शिकवा हो लबो पर,
    सिर्फ तेरी मोहब्बत का जाम हो।
    नए साल की सभी को बहुत बधाई।
    ©rizvi78

  • rizvi78 23w

    इश्क

    इश्क इबादत या वक्त की नज़ाकत
    लाफ़ज़ क्या बया करे किस हद तक नज़ाकत
    आज की बदली हुई इश्क की हकीकत
    इश्क एक सौदागरी और उसकी अलग कीमत
    ©rizvi78

  • rizvi78 26w

    एहसास

    न अब वो एहसास बचा न अब वह खुद्दारी ,
    हम सब तो जीते है वक्त कट जाने को ,
    सिर्फ सीख लिया अपनों में बट जाने को ,
    काश कोई ऐसा मसीहा होता जो बाटता इनकी बेसब्री ।
    ब फकत नाम इंसान है सिर्फ अपनी बेज़ारी में
    ©rizvi78

  • rizvi78 29w

    #mirake friend#mirake lover

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    जवाब

    हर बात का जवाब है
    इस लिए मेरा जीवन बे हिसाब है
    फक्र करता हु मै अपनी माँ की दुवाओ का
    अल्लाह तभी मेरे ऊपर मेहरबान है
    ©rizvi78

  • rizvi78 30w

    खोये सपने

    खोये हुए सपने है
    मजबूर ज़माना है
    हर शहर में दहशत है
    बस एक फसाना है
    दिल को दिल से जुदा करने का
    अब खेल निराला है
    बाट दी मंदिर व मस्जिद की दीवार
    अब ढूढ़ते रोने का बहाना है
    क्या बताऊँ अब हक न रहा सपनो का
    वह गुज़रा ज़माना है।
    पाक जो थे जिसमें जा से
    अब नफरत का खजाना है
    क्या कहूँ भगवान तुझसे
    यह कैसा ज़माना है
    ©rizvi78

  • rizvi78 30w

    Dil ka kissa

    बहुत दर्द का आलम क्या बया करू किस्से
    जब दिल के हाथों हो गया सौदा तो क्या बया करू किस्से
    मुझे क्या पता ज़माना बदल गया है सौदागरी का
    अब माने नही रखता दिल के सौदे दिल के किस्से ।
    ©rizvi78

  • rizvi78 30w

    ए दिल

    रफ्ता रफ्ता वक़्त कट जाएगा ए जज़्बाते दिल
    बस तू अपना हौसला बनाए रखना ए दिल
    ©rizvi78