shailesh_pathak07

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  • shailesh_pathak07 166w

    औरत

    वो औरत
    जिसके सर्व गुण पुरत
    जो बिन स्वार्थ
    करती खिदमत
    वो औरत
    फिर भी होता उन के साथ गलत
    हा‌ं वो ओरत
    क्यों ये दुनियां बेगैरत
    जिसके पैरों में जन्नत
    दुनिया मै सबसे ज्यादा
    जिसमे नजाकत
    खुदा भी उसे उस दिन बनाता
    जिस दिन होती फुरसत
    वो औरत
    वो ममता की मूरत
    किसी से भी ज्यादा
    जिसमे सोहरत
    उसकी इज्जत
    ही तो जियारत
    हां वो ही औरत
    ©shailesh__pathak

  • shailesh_pathak07 166w

    जीवन एक अंश है
    अंश के भी अंश है





    #mirakee #wirtersofmirakee #story #pod #poetry

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    जीवन

    कुछ क्षण की तो बात है
    इस जान मै क्या हान
    जान मै यूं क्या बड़ा
    एक अंश का तो ज्ञान है
    कब है कब नहीं होगा
    कभी किसी ने सोचा होगा
    आज अंश से अनजान तू
    बढ़ाने चला ज्ञान तू
    आनन्द दे दे अंश को एक अंश मै
    अगले अंश को बीता भय के अंधकार मै
    उस अंश मै कुछ सोच तू
    लहरों को भी मोड़ तू
    कर प्रयास तभी होगा
    बहुत सुख है तूने भोगा
    परिश्रम जीवन का सार है
    यही ज्ञान आधार है
    ©shailesh__pathak

  • shailesh_pathak07 167w

    चुप रहा मै मजबूर था
    पर इश्क तुझसे जरूर था








    #writersnetwork #pod #mirakee #love
    @writersnetwork
    @mirakee

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    तू ना समझा

    तू क्रूर था मैं चूर था
    मुझे इश्क का सुरूर था
    तुझे इस सब का गुरूर था

    मै मजबूर था
    मेरा ना कोई कसूर था
    पर सिर्फ तेरा फितूर था
    मेरा इश्क बेकसूर था

    मै दूर रहा मै जूझ रहा
    इस पहेली को मै बुझ रहा
    मैंने कुछ ना कहा हां चुप में रहा
    उन लम्हों के दुख में रहा
    बस सब्र यही की तेरा
    हर एक पल सुख मै रहा
    ©shailesh_pathak07

  • shailesh_pathak07 167w

    मेरी कलम अभी भी सिर्फ तुझे ही लिखती है
    क्युकी अभी भी आंख बंद करने पर सिर्फ तू ही दिखती है





    #writersnetwork #pod #mirakeeworld #love #bond #onesidedlove #committed #soul #bleedingheart #feelings

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    पता नहीं

    पता नहीं कब इश्क के बाजार में हम शायर बन गए।
    पता नहीं कितने मुशायरे उनके नाम कर गए।
    तारीफ तो उनकी ही होती है हर मुशायरे में
    क्योंकि बात सिर्फ और सिर्फ उनकी होती है मेरी शायरी में
    मेरी कलम अभी भी सिर्फ उन्हें ही लिखती है।
    क्योंकि आंखे बंद करने पर अब तक वो ही दिखती है।


    ©shailesh_pathak07

  • shailesh_pathak07 167w

    सोचिए आपका आपकी दिलरुबा से झगड़ा हो गया है और अब आप अपने पुराने दिनों को याद कर रहे है वो सभी खुशियों भरे दिन।और माफी मांगने जाते है।।।।

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    ये मत समझना

    ये मत समझना आशिक हमी है
    मुझ से श्रेष्ठ कई है
    मेरे लफ्ज़ कुछ भी नहीं है
    मेरे जख्म
    अब सही है
    उन में दर्द नहीं है
    और सब सही है
    मुझे रुकना नहीं है
    तू साथ रही है
    सब्र बस यहीं है
    जज़्बात कई है
    कोई कमी
    भी नहीं है
    यादे अनन्त पड़ी है
    जिनमे दर्द नहीं है
    उनमें तू भी खुश रही है
    ©shailesh__pathak

  • shailesh_pathak07 167w

    मै खुद मै अकेलापन महसूस करता हूं
    तभी दर्द ए हालत लिखता हूं
    ©shailesh__pathak

  • shailesh_pathak07 167w

    क्रोध

    रक्त में जो ताप है
    सा एक अभिशाप है
    जान मान शुन्य है
    प्रचण्ड अभिमान है
    जो किया वो सब बुरा
    किस मुकाम मै खड़ा
    खुद से भी तू बड़ा
    इस ताप ने ये क्या करा
    शांत कर ये ताप तू
    कर पश्चाताप तू
    कर्म का जो है घड़ा
    इस ताप से ही है भरा
    कर्म को मुकाम दे
    इस ताप को विराम दे
    जंग तू ये जीत ले
    कभी हारना भी सीख ले
    ©shailesh__pathak

  • shailesh_pathak07 167w

    आशिक

    मै आशिक एक पतंग सा
    मांझी सिर्फ तुम
    मै आशिक एक दर्द सा
    मरहम सिर्फ तुम
    मै आशिक एक लफ्ज़ सा
    भाषा सिर्फ तुम
    मै आशिक एक राह सा
    मंजिल सिर्फ तुम
    मै आशिक एक ज्ञान सा
    विद्वान सिर्फ तुम
    मै आशिक एक तन सा
    रूह सिर्फ तुम
    मै तो सिर्फ आशिक हूं
    आशिकी सिर्फ तुम
    ©shailesh__pathak

  • shailesh_pathak07 168w

    शुरुवात

    मै अंत से ही था चला
    मै अंत पर ही हूं खड़ा
    जब अंत ही है आ चला
    तो अंत मै है क्या बड़ा
    ये अंत की तो बात है
    जो अंत से था मै चला
    अब अंत मेरे साथ है
    तो सब क्यों हताश है

    अंत है सवेरा
    अंत अंधकार है
    मुझे अंत स्वीकार है
    ©shailesh__pathak