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  • shashipandey 122w

    खून

    अब बहती है यहां गंगा भी झेलम भी
    कोई बतलाए कहां जाके नहाया जाए
    मेरा मतलब है के महफिल रहे रौशन यूं ही
    खून चाहे मेरा दीयों में जलाया जाए ।
    ©shashipandey

  • shashipandey 122w

    नंबर

    जिंदगी की परीक्शा में कोई नंबर नहीं मिलते हैं यारों
    लोग आपको दिल से याद करें तो समझ लेना आप पास हो गए ।
    ©shashipandey

  • shashipandey 123w

    समाज

    गिर गई हैं समाज की कद्रें
    चढ़ गया आदमी बुलंदी पर
    चलो बदल देते हैं समाजों को
    मिटा दें सारे जमाने के बद रिवाजों को ।
    ©shashipandey

  • shashipandey 124w

    दिल

    बेहतर तो है यही कि न दुनिया से दिल लगे
    पर क्या करें जो काम न बे दिल लगी चले
    ©shashipandey

  • shashipandey 124w

    जिंदगानी

    सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल ये जिंदगानी फिर कहां
    गर जिंदगी कुछ बाकी रही तो फिर ये रवानी कहां ।
    ©shashipandey

  • shashipandey 124w

    दीवाना

    दिल तो दीवाना नहीं आखिर को दीवाना भी था
    भूलने पर उसको आया तो पहचाना भी था
    अजनबी सा एक मौसम एक बेमौसम सी शाम
    जब उसे आना नहीं था और उसे आना भी था ।
    ©shashipandey

  • shashipandey 124w

    मीठा

    अगर शहद जैसा मीठा रहना है
    तो मधुमक्खियों की तरह एक जगह
    रहना होगा चाहे वो दोस्ती हो या परिवार
    ©shashipandey

  • shashipandey 125w

    दुनिया

    दुनिया तो चाहती है यूं ही फासले रहें
    दुनिया के मशवरों पे न जा तू मेरे साथ चल ।
    ©shashipandey

  • shashipandey 125w

    सहारा

    जिंदगी में बार बार सहारा नहीं मिलता
    कोई प्यार से प्यारा नहीं मिलता
    जो पास है उसे संभाल के रखना
    क्यूंकि कोई एक बार खो जाए तो वो
    फिर दोबारा नहीं मिलता ।
    ©shashipandey

  • shashipandey 125w

    निशान

    अपने दोस्तों के दिल पर और दुश्मनों के चेहरों पर
    जो सदियों तक याद रहे वो निशान बनाता जा ।
    ©shashipandey