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  • ss2908 28w

    ऐ जिंदगी
    ********


    मन की गिरह में उलझी तन्हाई शोर मचा गई,
    मुस्कां के पीछे ठहरे दर्द, आंखों में सजा गई,
    ऐ जिंदगी हजारों गिला शिक़वा है मुझे तुझसे...

    उम्र तड़पी, जद्दोजहद में जीने को जिंदगी तुझे,
    कल होगा ना कुछ इस तरह से हिसाब किया तुने,
    ऐ जिंदगी हजारों गिला शिक़वा है मुझे तुझसे...

    कितनों को वो भी मिला भला, जो दिया मुझे तुने,
    ये सोच कर खुशी से जी रहीं हूँ जिंदगी तुझे,
    ऐ जिंदगी हजारों गिला शिक़वा है मुझे तुझसे...
    ...✍ Sujata Swaroop
    ©ss2908

  • ss2908 32w

    नवरात्र में व्रती के लिए कन्याएं देवी समान होतीं हैं,
    पर, पापा के लिए हमेशा पापा की बिटिया होती हैं...

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    पापा के लिए
    ***********


    पापा के लिए बाग की दीप्तिमान कली है,
    मध्यम-मध्यम बयार सी हौले-हौले चली है,

    पापा के लिए वो सुमधुर जीवन संगीत है,
    मिश्री सी बोली संग जैसे मनोहर गीत है,

    पापा के लिए सुरीले गीत की सरगम है,
    निर्मल निश्छल मुस्कान सजती सकल मन हरदम है,

    पापा के लिए करे बाल हठ मनुहारी है,
    मानमनौवल से झट मान जाए प्यारी है,

    पापा के लिए पलकों की राजकुमारी है,
    आंखों के पानी सी बसे राज दुलारी है,

    पापा के लिए माथे का सुन्दर ताज है,
    बिटिया से ही सजता घर आंगन आज है|
    ... ✍Sujata Swaroop
    ©ss2908

  • ss2908 34w

    उगते सूर्य सा कोई अथ हो न सके...
    डूबते सूर्य का जो कोई भक्त नहीं|

    हृदय हलचल को कोई समझ ना सके...
    भेड़ सा होता भी कोई अंधभक्त नहीं|

    चार बाँह भी कंधों की स्तंभ बन न सके...
    दु:ख है, सफ़र में साथ अपने रक्त नहीं|

    चार वाणी, एक के लिए एक हो न सके...
    विराट सत्य है, मौन का संगी वक्त नहीं|

    चार कदम अकेले चला ना जा सके...
    शुक्र है, जो जिन्दगी इतनी भी सख्त नहीं|
    ...✍ Sujata Swaroop
    ©ss2908

  • ss2908 84w

    जरूरी होता है ???

    उठने के लिए गिरना,
    मिलने के लिए बिछड़ना,

    अपना भी रूतबा है ये बतलाना,
    दूसरे को नीचा दिखा खुद को उठाना,

    अपने को व्यस्ततम दिखाना,
    दूसरों को व्यर्थ जान उपेक्षित करना,

    खुद को जानने के लिए एकांत में होना,
    अपनी एहमियत दिखाने के लिए दोस्तों को खोना,

    सुख की खुशी के लिए दु:ख से गुजरना,
    सब की खुशी के लिए खुद के अरमान कुचलना,

    रिश्तों को निभाने के लिए एक को झुकना,
    रिश्ता जोड़ने के लिए पुत्री को सब कुछ छोड़ना,

    जो अपने हैं उन्हें एक किनारे करना,
    बेगाने को अपनों से ज्यादा अपना बनाना,

    जो नहीं है उसको तरसना उसके पीछे भागना,
    चादर से बाहर पैर पसार अपना अस्तित्व खोना,
    ... जरूरी है ???
    ...✍Sujata Swaroop
    ©ss2908

  • ss2908 85w

    || नभ: स्पृशं दीप्तम् ||
    ******************
    आकाश को स्पर्श करने वाला देदीप्यमान है,
    स्थापना दिवस; अक्टूबर 8, 1932; जान है|

    महत्वपूर्ण एवं अत्याज्य अंग है यह भारतीय सशस्त्र सेना का,
    कार्य इनका; वायु युद्ध, वायु सुरक्षा, एवं वायु चौकसी का|

    राॅयल इंडियन एयरफोर्स नाम से गठित एवं नामित था,
    द्वितीय विश्वयुद्ध 1945; में निभाया महत्वपूर्ण साथ था|

    जब 1950 में भारत पूर्ण गणतंत्र घोषित हुआ था,
    'राॅयल' हटा सिर्फ इंडियन एयरफोर्स नाम हुआ था|

    गहरा नीला, हल्का नीला और सफेद रंग हैं इनकी पहचान,
    आकाश सी स्वछंदता, विशालता व स्थिरता दर्शाती हुई शान|

    युद्ध में सक्रियता अलावा भारतीय वायु सेना प्राकृतिक आपदाओं में भी करती बचाव कार्य,
    राहत सामग्री बांटने, खोज व बचाव कार्य, नागरिक निकासी में पूर्ण रूपेण सहायता करती अनिवार्य|

    सुखोई-30, मिराज-2000, जैगुआर, मिग-29, मिग-21, तेजस हैं इनकी शान,
    लड़ाकू विमान दस्ते में जुड़ 'राफेल', बढ़ा रहा भारतीय वायुसेना की आन -बान|

    आकाश को छूता और दहाड़ता हुआ सा नभचर है भारतीय वायुसेना,
    'नभ:स्पृशं दीप्तम्' को बखूबी बयान करता भारतीयों का गौरव है भारतीय वायुसेना||
    ... ✍सुजाता स्वरूप
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    Pic credit: To the rightful owner.

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    ... ✍Sujata Swaroop
    ©ss2908

  • ss2908 86w

    बापू एक बार तो फिर से लौट आ...
    *****************************
    समाज पर छाये बादल हटाने आ,
    गर्त में नष्ट होने से पहले उठाने आ,
    मानव को दानव रूपी होने से बचाने आ,
    पशु आवरण से मनुष्यों को निकालने आ...

    घर-परिवार के साथ की गुरुता समझा जा,
    स्त्रियों की समाजिक आस की महत्ता बता जा
    देश व देशवासियों की एकता की कीमत आंँक जा,
    बची इंसानियत को मृतप्राय होने से पहले जगा जा...

    अहिंसा परम धर्म है यह बता जा,
    अहिंसा परम सत्य है यह जता जा,
    अहिंसा परम शांति है यह सिखा जा,
    अहिंसा परम सुख है यह दिखा जा...
    बापू एक बार तो फिर से लौट आ!!
    ... ✍Sujata Swaroop

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    बापू एक बार तो फिर से लौट आ...
    *****************************
    समाज पर छाये बादल हटाने आ,
    गर्त में नष्ट होने से पहले उठाने आ,
    मानव को दानव रूपी होने से बचाने आ,
    पशु आवरण से मनुष्यों को निकालने आ...

    घर-परिवार के साथ की गुरुता समझा जा,
    स्त्रियों की समाजिक आस की महत्ता बता जा
    देश व देशवासियों की एकता की कीमत आंँक जा,
    बची इंसानियत को मृतप्राय होने से पहले जगा जा...

    अहिंसा परम धर्म है यह बता जा,
    अहिंसा परम सत्य है यह जता जा,
    अहिंसा परम शांति है यह सिखा जा,
    अहिंसा परम सुख है यह दिखा जा...
    बापू एक बार तो फिर से लौट आ!!
    ... ✍Sujata Swaroop

  • ss2908 87w

    अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस(२१ सितम्बर)
    ******************************
    कितना अच्छा हो...
    अगर, पशु-पक्षियों की तरह किसी राष्ट्र की ना कोई सीमा हो,
    हम इंसानों का बंधन किसी राष्ट्र की ना कोई सरहद हो|

    अगर, अगल-बगल या दूर का हर राष्ट्र भी कभी अपना हो,
    ये भी अपना-वो भी अपना, कितना सुन्दर ये सपना हो|

    हर सुबह खुशहाल सवेरा और हर शाम... रात सुहानी हो,
    ना दुर्गम स्थल सेना की तैनाती हो, ना फैली कहीं उदासी हो|

    पशु की तरह स्वछंद विचरण और पक्षियों की तरह कलरव गुंजन हो,
    तो... जहां में कितनी सुन्दर जमीं कितना रंगीन आसमाँ हो|
    ... ✍Sujata Swaroop

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    अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस(२१ सितम्बर)
    *****************************
    ... ✍Sujata Swaroop
    ©ss2908

  • ss2908 88w

    फेसबुक (हास्य)

    सोशल मीडिया का बहुचर्चित चेहरा है "फेसबुक",
    "सोसाइटी" से जुड़ने की बहुआयामी है ये "बुक",
    खिचड़ी पकती यहाँ बहुतेरी "बाय हुक या क्रूक",
    तस्वीरों, "स्टोरीज़" से होते एक दूसरे के सम्मुख |

    नये-पूराने दोस्तों, रिश्तेदारों से होता यहाँ मिलाप,
    मुंह फेरने वाले भी ऐसे मिलते जैसे भरत मिलाप,
    चाहे या अनचाहे एक ही सुर ताल में लगाते हैं आलाप,
    "लाईक-डिस्लाइक" में एक दूसरे से मिलाते हैं आलाप,

    "फेसबुक" पर हो जाती है पूरी हर किसी की चाह,
    जैसे यह हो भेड़ों का एक पसंदीदा हरा चारागाह,
    एक अगुआ राह दर्शाता तो सभी पीछे क्रमबद्ध चले,
    निहारे प्रथम दर्शक कोई अन्य तो टिप्पणी प्रेषित करे ||
    ... ✍Sujata Swaroop
    ©ss2908

  • ss2908 88w

    हिन्दी दिवस
    ***********
    वात्सल्य से भरी... आत्मीय है हमारी हिन्दी|
    भावों से भरी, मीठी... रसीली है हमारी हिन्दी|

    शब्दों की अलौकिकता को... सजाती है हिन्दी,
    अपनों के बीच आत्मीयता को... बढ़ाती है हिन्दी|

    हम भारतीयों का संस्कार है... अरदास है हिन्दी,
    सरस्वती का वास... ममता का एहसास है हिन्दी|

    ग्रंथों, किंवदंतियों, कविताओं का... साज है हिन्दी,
    सभ्यताओं, संस्कृतियों, गाथाओं का... राज है हिन्दी|

    हिन्दी भाषा की रूचिता और शुचिता से... इसका सम्मान है,
    हिन्दी की उत्तमता, और विशिष्टता से... हिन्दोस्ताँ का मान है|
    ... ✍सुजाता स्वरूप

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    हिन्दी दिवस

    ... ✍सुजाता स्वरूप
    ©ss2908

  • ss2908 89w

    अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस
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    शिक्षा ही मजबूत व सुन्दर राष्ट्र का
    निर्माण करती है,
    अच्छी साक्षरता दर विकसित देश का
    प्रमाण देती है|
    सीमा, वर्ग और रंग से शिक्षा न तौलें,
    साक्षर वही जो परहित को दिल खोले|
    साक्षरता को धर्म व लिंग भेद से न जोड़ें,
    सभी को बिना भेद शिक्षा की ओर मोड़ें|
    सिर्फ पढ़ने और लिखने की क्षमता को ही साक्षरता का मापक न मानें,
    इंसान हैं तो इन्सानियत और ममता को भी साक्षर होने का मापन मानें||
    ... ✍Sujata Swaroop
    ©ss2908

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    अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस
    **********************
    ... ✍Sujata Swaroop
    ©ss2908