tushar_1999

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Jai bajrang Bali ���� https://youtu.be/AJCMjpCVsKs

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  • tushar_1999 55w

    ये अजीब दुश्वारी है...
    उसे भुलाने की तुम्हारी ज़िद क्या मेरी समझदारी है...।?।
    उसकी यादो के सहारे अब मेरी सारी जिन्दगानी है...
    उसकी यादो के बिना नहीं है कुछ भी इस दिल में...।
    और तुम कहते हो उसकी याद भी भुलानी है...।।

  • tushar_1999 56w

    तुम मेरे सवालों का ज़वाब नही
    न ही तुम मेरे होने का वजूद हो,
    न ही हो तुम मेरे सपनों का कारण ,
    तुम सिर्फ़ मेरे दिल की आख़री अभिलाषा हो।
    ©tushar_1999

  • tushar_1999 57w

    किसी को भी इतना मत सताओ की
    वह जब अपने पर आ जाए तोह तुम्हारी ज़िन्दगी बर्बाद कर दे।
    पहले सिर्फ वह रोया था अब तुम्हारी सात पीढ़ी न रोए।
    ©tushar_1999

  • tushar_1999 58w

    मुहब्बत आजमाता है।।
    जमाना साथ गाता है।।
    हमें तेरे सिवा कोई नहीं क्यों और भाता है।।
    हर पल मेरा दिल क्यों तुम्हें याद करता है।।
    तेरे आने से मेरे दिल में खुशी की लहर आ जाती है॥

  • tushar_1999 58w

    क्यों करती हो तुम प्यार की बाते
    तुम्हारे मुँह से तो बेवफाई की बाते अच्छी लगती है
    करो न यह नाटक इश्क़ का तुम
    यहाँ तो इश्क़ के उस्ताद बैठे है
    जो तुम्हारी बेवफाई की बाते होंठो से नही तुम्हारे आँखों से पढ़ लेते है।
    ©tushar_1999

  • tushar_1999 59w

    #love,#ishq,# mohabbat

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    तबाह हूँ तेरे प्यार मे,
    तुझे दूसरों का ख्याल है..

    कुछ मेरे मसले पर भी गौर कर,
    यहाँ तो जिन्दगी का सवाल है...

  • tushar_1999 124w

    Corona ने कितनो को मारा??
    चलो आज नकारात्मक नही सकारात्मक बाते करते है,,
    इसने हमें क्या क्या दिन नही दिखया?
    न जाने क्या क्या सिखया,
    इसने तोह हाथ मिलाकर किसी को wish करने से अच्छा हाथ जोड़कर नमस्ते करना बताया,तब ही तोह पूरी दुनिया ने इसे अपनाया।
    इस ने भारत की विद्यालय का भी मान बढ़ाया जब सबको एक हाथ दूरी करके प्राथर्ना और प्रतिज्ञा का ज्ञान सिखया।
    इसने सभी घर के सदस्य को एक ही घर में रख दिया।
    इसने कैसे भारतवासी को अलग- अलग रहकर जोड़ दिया,
    इसने तो फिर वही इतिहास को दोहराया युवा और नई पीढ़ी को रामायण और महाभारत का फिर से महत्त्व बताया,
    इसने सभी को अपने अपने घर से इस जंग के योद्धा डॉक्टर ,फौजी,मीडिया और पुलिस के लिए सब से शंख ,घंटी और तालिया बजवाई।
    इसने फिर से यह बताया कि डॉक्टर ही पृथ्वी पर भगवान का दूसरा रूप है,
    इसने फिर से पक्षी पशु को सड़क पर ला दिया और इंसान को पिंजरे में कैद कर दिया,और इसने फिर से मछली को पानी में गोता लगाते दिखया।
    और तोह और अपराध पर पूर्ण विराम लगया है!!
    ©tushar_1999

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    Corana Virus

  • tushar_1999 130w

    किसी ने सही ही कहा है "जब आप के पास सुख है तोह दुःख का आना तय है" यह कहानी है एक मध्य वर्ग परिवार की, एक माँ की वह कैसे रहती है। आज से 10-20 साल पूर्व माँ से ससुराल रिश्तेदार सब को एक पुत्र की इच्छा होती थी। पुत्र न होने पर दुश्मनों से भी ज्यादा बुरा बर्ताव होता था। उस माँ ने एक नही 5 पुत्र दुनिया में आते ही चले गए। उस माँ के बारे में सोचिए उस पर क्या बीती होगी , जिसको कागज़ पर उतारना किसी के लिए संभव नही कहते है ना " ऊपर वाला सब की सुनता है, उसने उस माँ की भी सुन ली। माँ के गुण इतना महान होता है कि क्या बोलू , की जब वह अपने बचपन में पापा की यहाँ होती है तोह वहाँ अपने शौक,सुख अपनी इक्छाये पूरी नही कर पाती है, ताकि उनके पापा का पैसा बच सके। बाद में वह शादी करके अपने पति के पास आ जाती है, तोह वहाँ भी वह अपने पति के पैसे बचाती है आने वाले कल के लिए, अपने बच्चो के लिए उनके अच्छे कल के लिए वह अपने सुख को अधूरा छोड़ देती है। ऐसा नही है कि वह अपने सुख भोग नही सकती,पर माँ को अपने सुख पर भोग करना तभी अच्छा लगता हैं जब उसका बेटा अपने पैरों पर खड़ा हो, कामता हो। तोह जब उनके बेटे ने कामना शुरू किया तोह उसने अपनी पहली तनख्वाह से अपनी माँ के लिए साड़ी, मोबाइल ख़रीदा। उस माँ ने सबको यह बात बताई और बात बताते हुए उसके ख़ुशी देखने लायक थी। जब उस माँ को दुखो के बदले सुख में रहने का समय आया तोह ऊपर वाले को कुछ और पसंद आया। तब माँ ने हार नही मानी थी। तोह बेटा कैसे हार सकता है।
    अगर किसको भी किसी चीज़ का बुरा लगे तोह छमा प्राथी��..

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    कुदरत का यह खेल

    ©tushar_1999

  • tushar_1999 141w

    शुभ शानिवार।।

    करूं मैं विनती तुमसे बारम्बार,
    कर दो प्रभु मेरा तुम बेड़ा पार,
    महिमा तुम्हारी सब भक्त गाते है
    नागे पग तेरे दर पर सब आते है।।
    ©tushar_1999

  • tushar_1999 142w

    आखिर क्यों???

    कहना चाहता हूं रिश्तेदारों से, पड़ोसी से की मत करो जुल्म हम सब पर, की कितने आये हमरे मार्क्स परीक्षा में, न करो तुलना मेरी किसी और से, और न किया करो शर्मिंदा मेरे माँ-बाप को मेरे सामने ,न किया करो मेरे गुरु का अपमान ,जानता हूँ कमज़ोर हूँ मै,न हूँ सबसे अच्छा मैं। क्योंकि आप लोग इतने बार बोलते हूँ की दिल रोने सा लगता है,इस दुनिया में लड़ने से पहले भी हार मान जाया करता हूँ। अगर आपको इतनी ही फ़िक्र है तोह क्यों नही पूछते खैरियत,क्यों नही जन्मदिन की बधाई देते। क्यों किसी को नीचे दिखाते हो, शुक्रिया कर खुदा का की उसने तुझे बल दिया की तु दूसरों का बल बन सके, न की उसके बल को तोड़ देना।।
    ©tushar_1999