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  • vasubandhu 4w

    #hindi #understanding #thoughts #compassion #nonjudgemental #कविता #शायरी #मन #wordporn #bond #wordswag #misunderstanding #writeaway #writersofindia #हिंदी #शायरी #सोच #गलतफहमी #रिश्ते #relationship #poem #हिंदीसाहित्य #जस्बात #हालात #circumstances #hindipoetry #instawriters #hindiwriting #humane #letgo

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    नतीजे

    कइ वाकये हैरान करेंगे,
    जो वजह समझो, नजर अंदाज कर दो।
    कइ रिश्ते जुदा लगेंगे,
    जो माकूल न लगे, वैसे ही रहने दो।
    कइ अपने अंजान से लगेंगे,
    जो समझ ना पाओ, अपनाए रहो।
    वजहों को कितना भी ढुंढो,
    नहीं समझ पाओगे, इत्मीनान रखो।
    हम अक्सर चीजें कांच से देखते हैं,
    और कांच आईने की तरह अंतर्मन नहीं दिखाता।
    खुद को अंजाने में हमेशा ही सही समझते हो,
    तो औरों को अधुरे तर्क पर सही गलत के तराजू के परे रहने दो।
    ©vasubandhu

  • vasubandhu 6w

    #words #motivation #journey #life #कर्म #सफर #जीत #विकल्प #hindi #हिंदी #मैं #जींदगी #inspiration #wordporn #way #wordswag #wordsofwisdom #शायरी #writeaway #thoughts #कविता #writersofindia #wordporn #kavita #simple #सहज #ताकत #हिंदीसाहित्य #grit #strength

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    करम

    हो जाएगा से कर लूंगा तक का सफर,
    मुमकिन करता है हर डगर।
    आस्था, विश्वास और आशा,
    सब बहुत अच्छे अहसास है।
    कर्तव्य के बिना लेकिन ये कारावास है,
    कदम उठाने का इनका नहीं अपना काम है।
    अल्पविराम को बदल करता पुर्ण विराम है,
    अधुरे सिमीत जो होते है ख्वाबों में।
    वास्तविकता मे उनको देता अंजाम है,
    मुमकिन है और कर लूंगा तय ये सफर।
    ©vasubandhu

  • vasubandhu 7w

    #जिंदगी #खुशी #कविता #उम्र #life #happiness #हिंदी #time #wordporn #wordswag #wordsofwisdom #writeaway #thoughts #poetry #writersofindia #inspiration #वक्त #सफर #खुशहाल #पड़ाव #journey #happygolucky #carefree #शायरी #सोच #दुनियादारी #hindishayari #hindi #hindipoetry #motivation

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    खुश-उम्र

    उम्र को आंकड़ों से जो गिनते हो नादान हो तुम,
    आंकड़ों से नहीं खुशीयों से नापो उम्र तो जानोगे।
    और बहुत लंबी है जिंदगी तब तुम जानोगे,
    अब तक दुनियादारी के तनाव में आंकड़े ही गिनते रहे हो वक्त के।
    पतन नहीं आपाधापी के पडाव है कुछ मोड़,
    जो काबू मे नहीं उस पर जीत पाने की असमंजस है होड।
    जब तक सांस है जींदा हो तुम,
    तुमने जो कर ली हर कोशिश क्यों शर्मिंदा हो तुम।
    आज नहीं तो कल कश्मकश सिहर जाएगी,
    तुम खुशहाल बने रहो वही हर सु काम आएगी।
    हैरानी तो तब मालुम होगी इस सफर मे,
    जो खुशीयों से बढ़ती उम्र गिनकर खुद को और जवान पाओगे।
    ©Vasubandhu

  • vasubandhu 8w

    #मंजिल #भ्रम #तरक्की #डर #मिथ्या #कल्पना #patience #hurdles #way #motivation #दृढ़ #मृगतृष्णा #धीरज #प्ररेणा #wordporn #wordswag #wordsofwisdom #inspirationalquotes #writeaway #thoughts #writersofindia #सहज #शायरी #कविता #हिंदीसाहित्य #अवरोध #हिंदीशायरी #हिंदी #goal #perseverance

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    दृढ़

    हर पड़ाव पर मृगजल कई नज़र आते है,
    कुछ घाव तो कुछ अवरोध नज़र आते है।
    मंजिल तो मुकम्मल होती है रास्ते भी स्पष्ट होते है,
    आंखों और सोच मे लेकिन भ्रम हौसले को आजमाने आते है।
    तरक्की का फलसफा बस इतना सरल है,
    चलते रहना नजर अंदाज कर मृगतृष्णा को करम से।
    लुप्त हो जाए भाप बनकर वो मिथ्या,
    सकरी होती है उम्र डरावनी कल्पना की।
    ©Vasubandhu

  • vasubandhu 9w

    #तमन्ना #सब्र #जौहरी #वक्त #शायरी #कविता #मैं #जीवन #wordporn #wordswag #wordsofwisdom #inspirationalquotes #writeaway #thoughts #poetry #instawriters #writersofindia #persistence #perseverance #patience #life #shayari #time #motivation #selfhelp #selfbelief #आत्मविश्वास #kavita #i #believer

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    जौहर-ऐ-तमन्ना

    बिखरी तमन्नाओं को वक्त के धागे में, बांध रखा है हौसले की गांठ से।
    खुशबू निखर रही है हौले से, जिंदगी के इस हार से।
    सब्र की मजबूती सहज लगती है, बेहिसाब ताकत जिसकी,
    मिल्कीयत पर ही दिखती है।
    तमन्नाओं के जोहरी तुम हो, ज़ेवर से पहले हुनर बनता है।
    जो तुम कभी थक जाओ, अपनी तमन्नाओं के बोझ से।
    तो ध्यान रखना के जोहरी ज़ेवर को, अपने फन से तराशता है,
    खयाल मे पहले फिर पत्थरों पर ढालता है।
    ©Vasubandhu

  • vasubandhu 14w

    #waysoflife #behaviour #peace #life #wisdom #feelings #emotions #people
    #care #self #quoteoftheday #wordporn #wordswag #writeaway #thoughts #poetry #instawriters #writersofindia #shayari #लोग #शायरी #बर्ताव #सहज #शांति #बदलाव #तरीका #उपाय #जिंदगी

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    तरीके

    कुछ उलझनो से तो कुछ तकलीफो से
    समझौता कर लिया,
    तसल्ली और चैन की ये कीमत लग रही है।
    जो किसी को समझा ना पाए तो
    हम ही ना समझे ऐसा भी मुमकिन है,
    कुछ सुलझ जाए तब तक मौन बने
    और खुद को गूंगा कर लिया।
    अनबन और रुसवाई ने तब भी कहा छोडा है,
    अपनी नाराज़गी और गुस्से ने उनके साथ
    मिलकर किया ये बखेड़ा है।
    लड़ाई चुनना भी सीख रहे है
    किसे जाने देना है ये भी सीख रहे है,
    वक्त चलते चीज़े बदलेगी तो सही
    ना बदली तो फिर तरीके बदल देंगे।
    ©Vasubandhu

  • vasubandhu 15w

    The golden value of Sona leaves we exchange during Dussehra!

    Scientific name being Bauhinia racemosa, in South India, the plant is traditionally known as idithangi, aaththi maram, and thathagi. It is also called Banraj in Bengali, Kachnal in Hindi, Aapta in Kannada, Kosundra in Punjabi, Arampaali in Malayalam, Asundro in Gujrati, Sona in Marathi, Yugmapatra in Sanskrit, Arechettu in Telugu, and Kachnaar in Unani around various parts of India.

    It can grow under very difficult climatic environments with drooping branches.

    It is commonly used as a medicine, ornamental plant, fence plant, and fodder for livestock & a landfill tree to avoid soil erosion of the forest.

    The matured leaves of B. racemosa are used for making Beedi (Indian cigarettes), whereas the young leaves are used as greens (side dish) by the Tamilians (Tamil Nadu, India). The bark and leaves of B. racemosa are sweetish and acrid, used as a refrigerant, astringent, in the treatment of headache, fever, skin diseases, blood diseases, dysentery, and diarrhea. A decoction of the bark is recommended as a useful wash for ulcers. In ayurveda, the plant is commonly used for the treatment of initial stage of cancer.

    Excerpts are drawn from the following Web Source: https://fjps.springeropen.com/articles/10.1186/s43094-021-00251-1

    Happy Vijayadashami.
    Happy Dussehra.
    विजयादशमी दशहरे की शुभकामनाएं।

    ©Vasubandhu
    ||Gyaat||Aashray Realty Consultancy||Pawsitewitty||Gyaatverses||

  • vasubandhu 15w

    Why was Nagpur chosen for Promulgation to Buddhism by Dr. Babasaheb Ambedkar?

    The Nag People's "Nag"-pur.
    Those who read Buddhist history will come to know that in India, if anyone spread Buddhism, it was the Nag people. The Nag people were fearful enemies of the Aryans. A Fierce and fighting war went on between the Aryans and non-Aryans. Examples of the harassment of the Nags by the Aryan people are found in the Puranas. Agasti Muni helped only one Nag man to escape from that. We spring from that man. Those Nag people who endured so much suffering wanted some great man to raise them up. They met that great man in Gautam Buddha. The Nag people spread the teaching of Buagwan Buddha all over India. Thus we are like Nag people.It seems that the Nag people lived chiefly in Nagpur and the surrounding country. So they call this city Nagpur, meaning city of Nags. About 27 miles from here the Nag Nadi river flows. Of course the name of the river comes from the people living here. In the middle of the Nag habitation runs the Nag Nadi. This is the main reason for choosing this place.
    Excerpt from:
    Prabuddh Bharat, 27 October 1956, pp. 5-12, 18. Translated from the Marathi by Rekha Damle and Eleanor Zelliot, August-September 1964.
    Web Source:
    http://www.columbia.edu/itc/mealac/pritchett/00ambedkar/txt_ambedkar_conversion.html
    धम्म प्रवर्तन दिन की शुभकामनाएं।।
    Regards for Dhamma Wheel's Promulgation Day।।
    ©Vasubandhu

  • vasubandhu 17w

    पुनर्जन्म

    पाई पाई जोड़ रहा हु, कभी दो कभी ढाई जोड़ रहा हु।
    जो मन मार कर करना पडे, तो अपने गिले शिकवे निचोड़ रहा हु।
    जो देखे थे कभी मैंने सपने, वो सारे अपने मरोड़ रहा हु।
    मायूस ना हो गलत ना समझ, ये सब तेरे आने वाले सपनों के लिए जोड़ रहा हु।
    जता नहीं रहा के क्या क्या किये जा रहा हु, तुझे देखकर अपने सपनों से भी ज्यादा खुश हु।
    इसे अब क्या नाम दूं नही पता, कोई शिकन नही क्योंकि तू भी तो मै ही है।
    मैंने तुझे नहीं तूने मुझे जनम दिया है, नये सिरे से अपने सपनों को ही तो जी रहा हु।
    सुनाया करते थे अक्सर, "तु बाप बनेगा तो पता चलेगा", तेरे इस जिंदगी मे आने से ही तो सीख रहा हु।
    अपनी पंक्तियां लिख चुका अब तेरी जोड़ रहा हु, अपनी सबकी खुशीया कभी दो कभी ढाई जोड़ रहा हु।
    ©Vasubandhu

  • vasubandhu 18w

    Fabric of Thoughts

    Lives are lived amidst, conclusions & confusions.
    Away from facts, oblivious of understandings.

    Labels, and gossips have a role to play.
    Putting relationship at stake and bonds to slay.

    The thread of communication lies at bay.
    Assumptions & delusions win the day.

    Lives are mortal & time is short.
    Whether we do justice to ourselves is worth a thought.

    Serene ways can always be sought.
    Not all the situations are wars to be fought.

    Beyond and deep lie right & wrong.
    We stick to the surface & get it all wrong.

    In the running times we just need a halt.
    Realistically ponder and levitate the fault.

    Everything is always simple and clear.
    We just need to be calm, we just need to be fair.

    ©Vasubandhu