vinaypandey84

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⚖️ Lawyer, Poet, Writer, socialist I AM A LIMITED EDITION ��11sep facebook/vinay pandey

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  • vinaypandey84 1w

    जिस रोज रूपये से ईश्क हुआ।।
    वो दिन मेरे जिंदगी का आखरी पल होगा।।
    हैरा ना होना मुझे कोसने वालों,
    जो मेरे कफन से भी रुपयों का ढेर गिरे...✍️विनय पांडे
    ©vinaypandey84

  • vinaypandey84 3w

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    ये जानते है साहेब के इश्क की
    किताबे पढ़ी है सबने।।
    मगर ये जमाना तो टेक्नोलॉजी का है ।।
    यहां इश्क भी पीसीओ सा होता है।।
    हर इश्कियां की कीमत चुकानी
    पढ़ती है...✍️ विनय पांडे
    ©vinaypandey84

  • vinaypandey84 4w

    ये भूल है उन लोगों की जो तुमको तुमसे ज्यादा समझने का दावा करते है।।
    ना समझ है बेचारे उनको इल्म ही कहा जो उड़ती चिड़ियां के पर गिनने निकले है...✍️विनय पांडे
    ©vinaypandey84

  • vinaypandey84 4w

    मेरा नाम है हनुमान
    जिसके आगे टीके ना कोई,
    चट्टान थर थर कापे भूत पिसाच।।
    मैं हूं राम नाम का दास,
    जिसके नाम सुन मै होजाऊ धनवान।।
    जिसके हाथों चले ये संसार
    मै वही राम दूत हनुमान
    बस यही मेरी पेहचान।।
    जय श्री राम... ✍️ विनय पांडे
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  • vinaypandey84 5w

    *उड़ने दो मिट्टी को आखिर कहाँ तक उड़ेगी,*
    *हवाओं ने जब साथ छोड़ा तो,
    *आखिर जमीन पर ही तो आ गिरेगी !!*
    *माना कि औरों के मुकाबले,
    *कुछ ज्यादा पाया नहीं मैंने*....


    *लेकीन..खुश हूं के....खुद गिरता संभलता रहा...*
    *किसी को गिराया नही मैंने*!
    *सीमित शब्द हो या असीमित अर्थ हो...*
    *लेकिन इतना ही*
    *के किसी को भी अपने शब्दों से बे वजह रुलाया नही...*
    *मै मेरे नाम के अर्थ की तरह ही तो हूं*
    *विनम्र हूं विनय सा शांत हूं तो पवन सा...*✍️*विनय पांडे*
    ©vinaypandey84

  • vinaypandey84 7w

    कभी पास बैठो तो बताऊंगा
    हर आरजू अपने दिल की तुम को सुनाऊंगा।।
    कभी मिलो तो सही अपनी आखरी
    सास भी तुम पर लूटाउंगा।।
    संवारे कैसे ये जीवन बिन तेरे
    तुझी को कैसे मै सुनाऊंगा।।
    अदा करना आखिरी सास है जब तक
    इश्क़ में मै तुझी को तुझी से चुराऊंगा।।
    फकत मै नहीं पागल इश्क़ में,
    ये दुनिया को मै भी बताऊंगा...✍️ विनय पांडे
    ©vinaypandey84

  • vinaypandey84 8w

    महज़ इतफाकन लोग मिला नहीं करते
    कोई मुम्किन वजह जरूरी है।।
    इश्क़ तो दूसरा नाम है इतफाक का
    लोग सड़कों पर यूंही मिला नहीं करते।।
    मस्ला ये नहीं के मिलना मुक्कमल हो हमारा,
    मस्ला ये है के इतफाकान मिले और
    बिछड़ना सही नही दो हाथों का...✍️विनय पांडे
    ©vinaypandey84

  • vinaypandey84 8w

    कभी आजमाना हो मेरी मौजूदगी को।
    तो मुश्किलों मे एक दफ्फा पुकार तुम लेना।।
    जो शक्स आखिर तक तुमको दिखेगा
    उस शक्स को,
    दिल की आंखो से तुम पहचान लेना।।
    हर उस साज मे मै दिखूंगा
    जिस साज में तुम रमोगी,
    मन की साज जो छेडे वो फसाना भी मै हूं।।
    जो सेह जाए पैहला वार वो हाथ भी मै हूं,
    मै रोशनी में ना दिखूंगा,
    तुम अंधेरे का इंतज़ार करना,
    मै वही आस पास तुमको दिखूंगा,
    मै कोई आईना नहीं जो उजाले के,
    पड़ते ही तुमको दिखूंगा...✍️ विनय पांडे
    ©vinaypandey84

  • vinaypandey84 8w

    वो केहते थे पहरेदार है तेरे ख़्वाबों के,
    मगर उसने मेरे हर ख्वाबों को
    तार तार है किया।।
    मै कहता रहा मेरी इल्तजा तो
    सुनो और वो हर बार मेरी आरजुओ
    को दरकिनार कर बढ़ता रहा।।
    मै ठहरा जहा उसका पेहरा वहा,
    मेरी आंखों ने जो मंजर था देखा उसे
    हर मोड़ के पेहरेदार ने भी देखा।।
    उनके झूठ का आलम तो देखो जब भी
    जिक्र हुआ मेरा तो उनके जेहन में
    सिर्फ एक खुदगर्ज इंसान ही दिखा... ✍️ विनय पांडे
    ©vinaypandey84

  • vinaypandey84 10w

    बंद मुट्ठी से रेत क्या गिरी,
    उसने अपनी नजरों को इस कदर गिराया,
    के मानो नज़रे कभी उठी ही ना हो।।

    मै हैरान था परेशान था,
    उसकी हर बात से अनजान था।।

    जिसने ख्वाब देखे थे उम्र भर के,
    वो आज हमसे पूछती है,
    के कब तक ठहरोगे...✍️ विनय पांडे
    ©vinaypandey84