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Reposts
  • zazbaat_ 22w

    सिर पर चुनरी लाल
    माथे पे काली बिंदी पसंद है
    हां! मुझे अंग्रेज़ी से ज्यादा हिंदी पसंद है।

  • zazbaat_ 22w

    गर ठहर जाती...
    तो मंज़र ये ना होता
    तेरी आशिक़ी में हमने
    खुद को कहीं का ना छोड़ा

  • zazbaat_ 23w

    उसे जाना है तो जाने दो.....,
    वो आज रुक भी गया तो कल चला जाएगा।

  • zazbaat_ 24w

    copied ��

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    इश्क़ करो
    और दर्द ना हो
    जनवरी की रात हो
    और सर्द ना हो।

  • zazbaat_ 27w

    Chaand hairan hai
    Dariya bhi pareshani me hai
    ye Aksh kiska hai jo
    itni Roshni pani me hai

  • zazbaat_ 27w

    उसे मेरी सादगी पसंद थी
    और आज बातें वो ज़माने के रंगों की करता है।

  • zazbaat_ 28w

    अकेले थे ..., खुश थे।
    तूने ज़िन्दगी में आकर तन्हा कर दिया।

  • zazbaat_ 28w

    Mera hr khwab adhoora.....
    Tum Bin

  • zazbaat_ 28w

    मगर दिल ने एक ना सुनी ������

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    मैंने कहा था ना मैं इश्क़ हूं.....,
    जितना सुकून देता हूं उससे कहीं ज्यादा दर्द

  • zazbaat_ 28w

    यूं तो कहते है सब कि हमसफ़र बनेंगे प्यार में ....मगर एक ही ज़िन्दगी के एक ही सफर में ना जाने कितने हमसफ़र बनाते है लोग ...., जब भी जी चाहे नई दुनिया बना लेते है लोग एक चेहरे पे कई चेहरे लगा लेते है लोग ।

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    वो कहता था.......

    हमारा प्यार इतना प्यारा होगा
    हमारी मोहब्ब्त इतनी सच्ची होगी
    कि... तेरी एक मुस्कुराहट ही काफी होगी गिले शिकवे मिटाने के लिए।